- एमपी बजट 2026-27: सिंहस्थ के लिए 13,851 करोड़ का प्रस्ताव, उज्जैन में 3,060 करोड़ के नए विकास कार्य; 4.38 लाख करोड़ के कुल बजट में सिंहस्थ और इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष फोकस
- महाशिवरात्रि पर महाकाल में आस्था का सैलाब: 2 दिन में 8 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे, शीघ्र दर्शन से 62.50 लाख की आय; 1.95 करोड़ के 410.6 क्विंटल लड्डू प्रसाद की बिक्री
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती, सभा मंडप से गर्भगृह तक गूंजा “जय श्री महाकाल”: स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट, पंचामृत अभिषेक और भव्य श्रृंगार के साथ हुए दिव्य दर्शन!
- महाशिवरात्रि पर महाकाल को अर्पित हुआ पुष्प सेहरा, दोपहर में हुई विशेष भस्म आरती; चार प्रहर पूजन के बाद हुआ दिव्य श्रृंगार
- उज्जैन में विक्रमोत्सव 2026 की शुरुआत: महाशिवरात्रि से 19 मार्च तक चलेगा सांस्कृतिक महापर्व, सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया उद्घाटन; ‘शिवोह्म’ संगीत संध्या से सजी पहली शाम
जेल में बनी राखियां ही बंधेगी कैदियों की कलाई पर
उज्जैन। महाकालेश्वर मंदिर में करोड़ों के कार्य हो रहे हैं, लेकिन जगह-जगह तारों का जाल फैला पड़ा है। कई तार तो खुले हुए हैं। इससे नेटवर्किंग ठप हो जाने तथा शॉर्ट सर्किट का खतरा भी बना हुआ है। सावन मास बीतने जा रहा है लेकिन मंदिर प्रशासन के कंट्रोल रूम के बाहर प्रेस गैलरी से मंदिर परिसर में उतरने वाले रास्ते सहित जगह जगह खुले तारों का जाल खतरा बढ़ा रहा है। 2 वर्ष पहले भी मंदिर में खुले तारों के कारण शॉर्ट सर्किट की घटना हो चुकी है। बावजूद इसके खुले हुए तारों को को यहां-वहां छोड़ दिया गया है।
जहां कंट्रोल रूम के बाहर खुले तारों का जाल पड़ा है। वहां प्लास्टिक के पतरे है और ऐसे में यदि शॉर्ट सर्किट हुआ तो आगजनी की घटना भी हो सकती है। मंदिर के सहायक प्रशासनिक अधिकारी दिलीप गरुड़ ने कहा कि कंट्रोल रूम के बाहर प्रेस गैलरी के रास्ते पर प्लास्टिक के पत्रों के ऊपर पहले खुले तारों के जाल के संबंध में इंजीनियर को भी अवगत करा दिया है और आज ही टीम बुलाकर इन खुले तारों को कवरिंग करवाते हैं।