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उज्जैन। महाकालेश्वर मंदिर में करोड़ों के कार्य हो रहे हैं, लेकिन जगह-जगह तारों का जाल फैला पड़ा है। कई तार तो खुले हुए हैं। इससे नेटवर्किंग ठप हो जाने तथा शॉर्ट सर्किट का खतरा भी बना हुआ है। सावन मास बीतने जा रहा है लेकिन मंदिर प्रशासन के कंट्रोल रूम के बाहर प्रेस गैलरी से मंदिर परिसर में उतरने वाले रास्ते सहित जगह जगह खुले तारों का जाल खतरा बढ़ा रहा है। 2 वर्ष पहले भी मंदिर में खुले तारों के कारण शॉर्ट सर्किट की घटना हो चुकी है। बावजूद इसके खुले हुए तारों को को यहां-वहां छोड़ दिया गया है।
जहां कंट्रोल रूम के बाहर खुले तारों का जाल पड़ा है। वहां प्लास्टिक के पतरे है और ऐसे में यदि शॉर्ट सर्किट हुआ तो आगजनी की घटना भी हो सकती है। मंदिर के सहायक प्रशासनिक अधिकारी दिलीप गरुड़ ने कहा कि कंट्रोल रूम के बाहर प्रेस गैलरी के रास्ते पर प्लास्टिक के पत्रों के ऊपर पहले खुले तारों के जाल के संबंध में इंजीनियर को भी अवगत करा दिया है और आज ही टीम बुलाकर इन खुले तारों को कवरिंग करवाते हैं।